12 वीं के बाद 5 करिअर ऑप्शंस:मैथ्स विद फाइनेंस की पढ़ाई से फाइनेंशियल एनालिस्ट बनें, इकोनॉमिक्स से मिलेगा इंश्योरेंस कपंनीमें मौका।


 
रोज किए जाने वाले लगभग हर कार्य में कुछ हद तक मैथ्स शामिल होता है। कुछ बिजनेस में एडिशन और सब ट्रैक्शन का उपयोग किया जाता है जबकि कुछ में, जटिल अलजेब्रा और स्टेटिस्टिक्स का उपयोग होता है। मैथ्स स्किल्स करियर के लिए बहुत जरूरी हैं। विशेष रूप से साइंस, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के लिए। जबकि, कुछ प्रोफाइल में मैथ्स की डिग्री ना हो तो भी बेसिक मैथ्स कैलकुलेशन जरूरी है जैसे होटल मैनेजमेंट, मास मीडिया, एनिमेशन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स आदि ।

वे स्टूडेंट्स जो 12 वीं में मैथ्स पढ़ रहे हैं और अपना भविष्य अपकमिंग नए ट्रेंडिंग करिअर्स में बनाना चाहते हैं, उनके पास इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि करिअर के और भी कई विकल्प हैं। ऐसे स्टूडेंट्स किन सब्जेक्ट के साथ कॉम्बिनेशन में मैथ्स पढ़ सकते हैं और उससे जॉब के क्या ऑप्शंस होंगे, बता रही हैं करिअर काउंसिलर नीना जेम्स।
1. एक्चुरियल साइंस / acturial science कॉम्बिनेशन : मैथ्स के साथ इकोनॉमिक्स / स्टेटिस्टिक्स

एक्चुरियल साइंस पढ़ने वाले स्टूडेंट्स उन सभी फील्ड्स में काम कर सकते है जिसमें इंश्योरेंस रिस्क, इंश्योरेंस प्रीमियम और इंश्योरेंस कंपनियों के मैनेजमेंट से रिलेटेड काम किया जाता है। वे जटिल समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं और कंपनी की पॉलिसी डेवलप करने में सहायक होते हैं।

2. कम्प्यूटेशनल मैथमेटिक्स
कॉम्बिनेशन : मैथ्स के साथ कंप्यूटर साइंस

कम्प्यूटेशनल मैथमेटिकल कंप्यूटर साइंस और मैथ्स एक फ्यूजन है। यह कॉम्बिनेशन स्टूडेंट्स में स्ट्रॉन्ग प्रॉब्लम सॉल्विंग, एनालिटिकल एंड प्रोग्रामिंग स्किल्स को बढ़ाता है। इन स्किल्स की इसलिए जरूरत है ताकि स्टूडेंट्स साइंस, मैथ्स के फील्ड के हर पॉसिबल करिअर में काम कर सकें जैसे करिअर इन कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, बिजनेस, मेडिकल रिसर्च, कैंसर मॉडलिंग, क्लाइमेट फोरकास्टिंग और फाइनेंशियल मॉडलिंग ।

3. फाइनेंशियल एनालिस्ट 
कॉम्बिनेशन: मैथ्स के साथ फाइनेंस 

इस करिअर में आने के लिए आप एक इन्वेस्टमेंट बैंकर, स्टॉक मार्केट एनालिस्ट, रिस्क एनालिस्ट, इंटरनेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट, स्टैटिस्टिक्स, इंश्योरेंस पॉलिसी डेवलपर आदि के रूप में काम कर सकते हैं।

4. मनोचिकित्सक / साइकोमेट्रिशियन
 कॉम्बिनेशन : मैथ्स के साथ मनोविज्ञान

साइकोलॉजी में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए बहुत सारे प्रयोग होते है। इसमें पेशेंट से संबंधित डेटा इकट्ठा करना और उस पर स्टैटिस्टिकल एनालिसिस करने में बहुत समय लगता है। लेकिन अब इस काम को सॉफ्टवेयर के जरिये कम समय में किया जाता है जिसमें मैथमेटिकल और कंप्यूटर मॉडल के साथ ह्यूमन बिहेवियर को समझा जाता है।
5. बिजनेस एनालिस्ट 
कॉम्बिनेशन : मैथ्स के साथ बिजनेस मैनेजमेंट

आज के ऑनलाइन एंड कॉम्पिटीशन के दौर में बिजनेस में ग्रोथ के लिए फ्यूचर की संभावनाओं को पता करना बिजनेस एनालिटिक्स का काम होता है। बिजनेस एनालिस्ट बिजनेस से जुड़े फैसले करने और सही निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए एनालिसिस करते हैं। आजकल हर बिजनेस के लिए बिजनेस एनालिस्ट की जरूरत होती है।

Popular posts from this blog

टाटा ने लॉन्च की अपडेटेड टिगोर EV: इसमें मिलेगी 315 किलोमीटर की रेंज, शुरुआतीकीमत 12.49 लाख रुपए

Today breaking news 4 December 2022: Aaj ki taja news

आज लॉन्च होगा रिटेल ई-रुपी: ये कागजीकरेंसी का इलेक्ट्रॉनिक वर्जन, जानिए ये UPIसे कैसे अलग(Retail e-Rupee to be launched today: Yeh KagziElectronic version of currency, know this UPIhow different from)